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30-12-16

देष को आगे जाना है तो नशा से मुक्त होना होगा:- मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज सुपौल जिला के गाॅधी मैदान में आयोजित चेतना सभा को संबोधित करते हुये कहा कि मैं सर्वप्रथम सुपौल की इस धरती को प्रणाम करता हूॅ एवं इतनी ठंड के बावजूद आप यहाॅ आयें हैं, इसके लिये आप सभी का अभिनंदन करता हूॅ। उन्होंने कहा कि हम निष्चय यात्रा पर हैं। 9 नवम्बर से निष्चय यात्रा की शुरूआत की गयी है। निष्चय यात्रा के सिलसिले में आज सुपौल आने का अवसर मिला है, इसे मैं अपना सौभाग्य मानता हूॅ। 

सात निष्चय योजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निष्चय को महागठबंधन के साझा कार्यक्रम में शामिल किया गया। सरकार बनने के बाद सात निष्चय के कार्यक्रमों को लागू करने के लिये येाजनायें बनायी गयी। सात निष्चय को सरकारी कार्यक्रम के रूप में स्वीकार किया गया। सात निष्चय योजना को किस प्रकार लागू करना है, इस संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर गहन चिन्तन कर विभिन्न योजनाओं का सूत्रण किया गया। उन्होंने कहा कि हम कोई काम बिना तैयारी के नहीं करते हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सात निष्चय के योजनाओं पर कार्य शुरू हो गया है। सात निष्चय में से एक निष्चय था महिलाओं को सभी सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिषत आरक्षण देने का, इस निष्चय को जनवरी 2016 से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहाॅ पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिषत आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को दिया जाना था परंतु महिलाओं की आबादी आधी है, इसके फलस्वरूप महिलाओं को बिहार में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में पचास प्रतिषत आरक्षण दिया गया। आबादी के अनुसार उन्हें हिस्सेदारी दी गयी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लड़कियों की षिक्षा पर भी विषेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि मध्य विद्यालय में लड़कियों के लिये पोषाक योजना की शुरूआत की गयी। उच्च विद्यालय में लड़कियों के लिये साइकिल योजना की शुरूआत की गयी। पहले पटना, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा में भी लड़कियाॅ साइकिल चलाते हुये नहीं देखी जाती थी। अब गाॅव-गाॅव में लड़कियाॅ साइकिल चलाते हुये स्कूल जाते दिखाइ देती हैं। माहौल बदल गया, लोगों का सोच, विचार बदल गया, कितना बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की बहाली में महिलाओं को पहले से ही 35 प्रतिषत का आरक्षण था। अब सरकार के सभी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिषत आरक्षण उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि 20 नवम्बर को सरकार बनी तथा 20 जनवरी 2016 को महिलाओं को 35 प्रतिषत आरक्षण देने का निर्णय लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हम जो कहते हैं, उस पर अमल करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिये विभिन्न योजनायें ली गयी है। हमारे युवा मेधावी, परिश्रमी, क्षमतावान हैं, अगर उन्हें ठीक ढ़ंग से सहयोग दिया जाय। हमारे यहाॅ देष में सबसे ज्यादा युवा आबादी है। युवाओं के लिये आर्थिक हल युवाओं को बल योजना लागू किया गया है। इस योजना के पाॅच अवयव हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवा 12वीं के बाद बहुत कम पढ़ पाते हैं। स्नातक एवं स्नातकोतर करने वाले युवाओं का मात्र तेरह प्रतिषत है, जिसका दो प्रमुख कारण है, संस्थानों की कमी और पारिवारिक निर्धनता। उन्होंने कहा कि हमारे जो भी युवा 12वीं के आगे पढ़ने को इच्छुक हैं, उनको चार लाख रूपये तक का स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड दिया जायेगा ताकि वे दूसरों पर बोझ बने बिना अपनी पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि कुछ युवा ऐसे हैं, जो आगे पढ़ना नहीं चाहते हैं और रोजगार की तलाष कर रहे हैं। रोजगार की तलाष करने वाले 20 से 25 वर्ष के युवाओं को दो साल तक एक हजार रूपये प्रतिमाह रोजगार तलाषने के लिये स्वयं सहायता भता दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में कम्प्यूटर का ज्ञान, संवाद कौषल, व्यवहार कौषल जरूरी है। कुषल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कम्प्यूटर, संवाद कौषल एवं व्यवहार कौषल का प्रषिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुछ युवा ऐसे हैं जो अपना रोजगार करना चाहते हैं। ऐसे उद्यमी युवाओं की सहायता के लिये पाॅच सौ करोड़ रूपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आज कल इंटरनेट का जमाना है। लोग बहुत सारी किताबें एवं ज्ञान को बढ़ाने वाली सामग्री इंटरनेट के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं इसीलिये सभी सरकारी विष्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में फ्री वाई-फाई की सुविधा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि वाई-फाई का उपयोग ज्ञान की बातें जानने के लिये ही करें। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिये चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के लिये जिला निबंधन एवं परामर्ष केन्द्र की स्थापना की गयी है। साथ ही बिहार में विभिन्न प्रकार के संस्थान खोले जा रहे हैं। सभी जिला में इंजीनियरिंग काॅलेज, जी0एन0एन0, ए0एन0एम0 काॅलेज, पारा मेडिकल काॅलेज, पाॅलिटेक्निक काॅलेज के साथ-साथ बिहार में पाॅच नये मेडिकल काॅलेज खोले जायेंगे। इन सरकारी संस्थानों के अलावा निजी क्षेत्र के भी लोग इस क्षेत्र में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी चीजों को देखने निकले हैं। कि सरजमीं पर इसका क्रियान्वयन किस तरह से हो रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निष्चय में एक निष्चय हर घर नल का जल है। अगले चार वर्षों में बिहार के हर घर में नल का जल पहुॅचा देंगे। इस योजना को विकेन्द्रीकृत तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा हर घर में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, लोग इससे खुले में शौच से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि अगर पीने के लिये शुद्ध पानी उपलब्ध हो तथा खुले में शौचमुक्त हो तो नब्बे प्रतिषत बीमारियाॅ स्वतः दूर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हर गाॅव के गली का पक्कीकरण और नाली का निर्माण कराया जायेगा। हर घर बिजली का कनेक्षन दिया जायेगा। अगले साल के अंत तक हर गाॅव, हर घर में बिजली का कनेक्षन पहुॅच जायेगा। उन्होंने कहा कि अब बिजली उपलब है तो इसका सदुपयोग कीजिये। इसका फायदा उठाइये, जरूरत के हिसाब से बिजली का उपयोग करिये। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपलोगों के लिये लोक षिकायत निवारण कानून लागू किया गया है। अब षिकायतों से संबंधित आवेदन लेकर इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं है। सभी जिला एवं अनुमण्डल में लोक षिकायत निवारण केन्द्र बनाया गया है। उन्होंने कहा कि दस वर्षों तक जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा विभिन्न स्तर के अधिकारियों के लिये जनता के षिकायतों को सुनने के लिये दिन निर्धारित किया गया था। दस साल का अनुभव है कि लोगों की षिकायत के निराकरण की कोई गारंटी नहीं थी। लोगों को अपने षिकायतों के निराकरण के लिये कानूनी अधिकार दिया गया। उन्होंने कहा कि लोक षिकायत निवारण केन्द्र पर अद्भूत कार्य हो रहा है। ऐसे कार्य जो 35 साल से नहीं हुये, वो जल्द हो जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक षिकायत निवारण केन्द्र पर लोग अपने षिकायतों से संबंधित आवेदन देते हैं। आवेदन के आलोक में दिन निर्धारित की जाती है। निर्धारित तिथि को आवेदनकर्ता तथा जिस विभाग से संबंधित षिकायत है, उसके अधिकारी दोनों आमने-सामने बैठते हैं तथा लोगों की षिकायतों का निराकरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि निष्चय यात्रा के दौरान लोक षिकायत निवारण केन्द्र का निरीक्षण किया हूॅ तथा मैं खुद षिकायतों पर की जा रही सुनवाई को सुना हूॅ। उन्होंने कहा कि एक स्थान पर एक व्यक्ति का 28 हजार रूपये का गलत बिजली बिल आया था, व्यक्ति ने इसकी षिकायत की। षिकायत की जाॅच बिजली विभाग के अभियंता द्वारा करायी गयी। सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के अभियंता ने कहा कि इसका बिजली बिल गलत है। इनका बिजली बिल 25 हजार नहीं बल्कि बारह हजार है। लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी ने षिकायतकर्ता से पूछा कि क्या आप संतुष्ट हैं तो व्यक्ति ने बताया कि हाॅ मैं संतुष्ट हूॅ। उन्होंने कहा कि एक और जगह पर एक व्यक्ति ने षिकायत की कि उसका 28 हजार रूपये का गलत बिजली बिल आया है। सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के अभियंता द्वारा बताया गया कि व्यक्ति का बिजली बिल गलत है। उनका सही बिजली बिल आठ सौ रूपये है। उन्होंने कहा कि किषनगंज में देखा कि एक व्यक्ति ने 1978 में जमीन खरीदा था। 1980 तक उनका रसीद भी कटा, 1980 के बाद उनका रसीद नहीं कट रहा था। संबंधित व्यक्ति के इस आषय की षिकायत की सुनवाई हुयी। मैं सुनवाई के दौरान मौजूद था। संबंधित व्यक्ति का रसीद भी कटा और खाता भी खुल गया। बिहार यह अभिनव प्रयोग करने वाला पहला राज्य है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को बदनाम किया जाता है। एक दो आपराधिक घटनाओं को लेकर बिहार को बदनाम किया जाता है। बिहार में कानून का राज है। अगर जनसंख्या के अनुरूप क्राइम का प्रतिषत देखें तो बिहार का 22वां नंबर है और दिल्ली का पहला है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रेम और सद्भाव का माहौल है। बिहार में बुनियादी काम हो रहा है, इसी को सुषासन कहते हैं। उन्होंने कहा कि चेतना सभा में इन्हीं सब चीजों से आपको अवगत कराने आया हूॅ। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बड़ा सामाजिक बदलाव का कार्य शराबबंदी हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 9 जुलाई को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में महिलाओं का ग्राम वार्ता सम्मेलन था, जहाॅ मैं अपना भाषण समाप्त कर बैठा ही था कि पीछे से महिलाओं ने आवाज दी कि शराबबंदी लागू कीजिये। मैंने पुनः माइक पर आकर कहा कि अगली बार सता में आऊॅगा तो शराबबंदी लागू करूॅगा। आपने पुनः दुबारा काम करने का मौका दिया। 20 नवम्बर को सरकार ने शपथ लिया। 26 नवम्बर को मद्य निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह एलान किया 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू हो गया। कानून भी इसी तरह से बनाया गया है। शराबबंदी लागू होने के बाद आज सब जगह शांति एवं प्रेम का माहौल हैं उन्होंने कहा कि अकेले कानून से कोई चीज को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। इसके लिये जन चेतना एवं जन जागरूकता आवष्यक है। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में शराब पकड़ी जायेगी या शराब का कारोबार होता पाया जायेगा तो पुलिस एवं उत्पाद विभाग के अधिकारी कार्रवाई के घेरे में आ जायेंगे। उन्होंने कहा कि नजर रखने की आवष्यकता है। लोगों पर नजर रखिये। अगर किसी को नषे की लत है तो सभी महिलायें उसे समझायें और अगर न समझे तो नषामुक्ति केन्द्र में भर्ती करा दें। आप सबका सहयोग चाहिये। उन्होंने कहा कि फिर दो महीने का जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। 21 जनवरी 2017 से 22 मार्च 2017 तक जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। 21 जनवरी को सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनेगी। बिहार में दो करोड़ लोग इसके भागीदार बनेंगे। बिहार के एक कोने से दूसरे कोने तक मानव श्रृंखला बनाया जायेगा। पूरब से पष्चिम, उत्तर से दक्षिण तक मानव श्रृंखला बनेगा। मानव श्रृंखला में इतने लोग खड़े होंगे कि यह दुनिया का एक नया रिकाॅर्ड होगा। मानव श्रृंखला बिहार के एक कोने से दूसरे कोने तक बनेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देष को आगे जाना है तो नषा से मुक्त होना होगा। चीन अफीम छोड़कर आज आगे बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सब लोगों को सोचना एवं समझना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से काफी फायदा हुआ है। शराबबंदी के पष्चात बिहार में अपराध के आॅकड़ों में कमी आयी है। हत्या में 24 प्रतिषत, डकैती में 26 प्रतिषत, लूट में 16 प्रतिषत, फिरौती एवं अपहरण में 48 प्रतिषत, दंगा में 37 प्रतिषत, सड़क दुर्घटना में 19 प्रतिषत की कमी आयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद दूध की बिक्री 11 प्रतिषत, पेड़ाकी बिक्री 15 प्रतिषत, गुलाब जामुन की बिक्री 15 प्रतिषत, रसगुल्ला की बिक्री 16 प्रतिषत, रेडमेड कपड़े की बिक्री 44 प्रतिषत, सिलाई मषीन की बिक्री 19 प्रतिषत बढ़ गयी है। प्लास्टिक के सामान की बिक्री बढ़ गयी है। उपस्करों एवं वाहनों की बिक्री भी बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि विरोधी हम पर यह आरोप लगाते थे कि शराबबंदी से सरकार का पाॅच हजार करोड़ रूपये का राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने शराबबंदी लोगों की भलाई को सोचकर लागू किया। अगर सरकार का पाॅच हजार करोड़ रूपये के राजस्व का नुकसान हुआ है तो लोगों का दस हजार करोड़ रूपये बर्बाद होने से बच गया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से समाज का वातावरण बदल गया है। इसको कायम रखने के लिये 21 जनवरी से अभियान चलेगा। शराबबंदी के पक्ष में सब हैं, यह साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। इसे सब धर्मों में एकता स्थापित होगी। उनहोंने कहा कि आप सब सावधान रहियेगा, समाज मं प्रेम एवं सद्भाव बनाये रखियेगा। 

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, सुपौल जिला के प्रभारी मंत्री सह अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री अब्दुल गफ्फूर, आपदा प्रबंधन मंत्री डाॅ0 चन्द्रषेखर, बिहार विधान परिषद के उप सभापति श्री हारून रसीद, विकास आयुक्त श्री षिषिर सिन्हा, पुलिस महानिदेषक श्री पी0के0 ठाकुर ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुपौल द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिरूद्ध प्रसाद यादव, विधायक श्रीमती बीमा भारती, विधायक श्री यदुवंष यादव, विधायक श्री रत्नेष सदा, राजद, जदयू एवं काॅग्रेस के जिलाध्यक्ष, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, आयुक्त सहरसा प्रमण्डल, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी सुपौल, पुलिस अधीक्षक सुपौल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।