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14-07-17

नागर विमानन के क्षेत्र में बिहार एवं भारत सरकार के बीच अहम समझौते पर हस्ताक्षर


पटना, 14 जुलाई 2017:- आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एवं मंत्री नागर विमानन मंत्रालयभारत सरकार श्री अशोक गजपति राजू की उपस्थिति में क्षेत्रीय सम्पर्कता योजना (उड़ान) अन्तर्गत एम00यू0 पर हस्ताक्षर किया गया। साथ ही बिहार राज्य में अवस्थित हवाई अड्डों के विकास एवं विस्तार की समीक्षा की गयी।

                क्षेत्रीय सम्पर्कता योजना अन्तर्गत एम00यू0 पर हस्ताक्षर के उपरान्त मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आज बहुत खुशी है कि रिजनल ऐविएशन के क्षेत्र में उड़ान योजना की हर पहलू पर चर्चा की गयी तथा एम00यू0 पर हस्ताक्षर किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से क्षेत्रीय सम्पकर्ता बढ़ाने के लिये खुशि-खुशि रियायतें दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास हो रहा है। बिहार से नियमित विमान सेवायें होनी चाहियेइससे राज्य भर के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग जहाँ रहते हैंजहाँ से उनका रिशता हैवहाँ भी आने-जाने की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि बिहार में नागर विमानन के क्षेत्र में विकास के लिये जो भी संभव सहयोग होगादिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी गया हवाई अड्डा पर ध्यान दें। गया में नागर विमानन के क्षेत्र मे काफी संभावनायें हैं। गया में सभी जगह के लोग आते हैंगया का एक अपना महत्व है। उन्होंने कहा कि गया भौगोलिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। गया में नागर विमानन के क्षेत्र में विकास तथा विमान सेवाओं के विकास से न सिर्फ बिहार बल्कि झारखण्ड के उत्तरी इलाके के रहने वाले लोगों को भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना हवाई अड्डा तथा बिहटा हवाई अड्डा पर जितना जल्दी काम शुरू होउतना अच्छा है। बिहटा हवाई अड्डा के लिये जो भी करना हेागाकरेंगे। हमारा पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने विमान के सेवाओं का समय लोगों की सुविधा के अनुसार रखने की बात कही। नागर विमानन मंत्री श्री अषोक गजपति राजू ने कहा कि हम बिहार में नागर विमानन के क्षेत्र में एक सुनहरा भविष्य देखते हैं।

                इससे पूर्व प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय श्री ब्रजेश मेहरोत्रा द्वारा बिहार में नागर विमानन से जुड़े मुद्दों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के क्रम में प्रधान सचिव ने बताया कि बिहटा हवाई अड्डा के लिये 126 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। तीन माह में 108 एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को हस्तांतरित कर दिया जायेगा। पूर्णिया हवाई अड्डा के लिये 50 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को स्वीकृति दी गयी है। गया हवाई अड्डा के लिये 30 एकड़ भूमि दी जा चुकी है तथा शेष 70 एकड़ भूमि पर लैंड ट्रिब्यूनल में वाद चल रहा है। वाद समाप्त होते ही भूमि हस्तांतरित कर दिया जायेगा। श्रीमती उषा पाढ़ी संयुक्त सचिवनागर विमानन मंत्रालयभारत सरकार द्वारा भी नागर विमानन से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के क्रम में श्री एस0 राहेजाभारतीय विमानपतन प्राधिकरण ने पटना हवाई अड्डाबिहटा हवाई अड्डागया हवाई अड्डापूर्णिया हवाई अड्डारक्सौल हवाई अड्डादरभंगा हवाई अड्डामुजफ्फरपुर हवाई अड्डा आदि के विकास के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत कियाजिस पर विस्तृत चर्चा की गयी। प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय द्वारा क्षेत्रीय सम्पर्कता योजनान्तर्गत विभिन्न हवाई रास्तों के संबंध में जानकारी दी गयी। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में 68 प्रतिषत तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है। उन्होंने कहा कि गया हवाई अड्डा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गया में पूरे देश भर से लोग पिण्डदान करने आते हैं। गया बौद्ध धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। दुनिया भर के बौद्ध धर्म के अनुयायी बोधगया आते हैं। उन्होंने कहा कि गया का भौगोलिक एडवांटेज है। झारखण्ड के उतरी क्षेत्र के लोगों को भी इससे फायदा होगा।

                इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री अशोक गजपति राजू एवं सचिव नागर विमानन मंत्रालय श्री आर0एन0 चैबे को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ने भी मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया।

                इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंहप्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय श्री ब्रजेश मेहरोत्रामुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमारअध्यक्ष भारतीय नागर विमानपतन प्राधिकरण श्री गुरू प्रसाद महापात्रामुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रामुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मासंयुक्त सचिव नागर विमानन मंत्रालय श्री अरूण कुमारसंयुक्त सचिव नागर विमानन मंत्रालय श्रीमती उषा पाढ़ी सहित नागर विमानन मंत्रालय भारत सरकार के वरीय अधिकारीभारतीय वायुसेना के वरीय अधिकारी एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।