न्यूज़ पढ़ें

on
05-06-17

मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन


पटना, 05 जून 2017:- मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में आज लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पथ निर्माणग्रामीण कार्यभवन निर्माणऊर्जाग्रामीण विकासलोक स्वास्थ्य अभियंत्रणनगर विकास एवं आवासपंचायती राजजल संसाधनलघु जल संसाधनउद्योगगन्ना उद्योगविज्ञान एवं प्रावैधिकीसूचना प्रावैधिकी एवं पर्यटन विभाग से संबंधित मामलों पर छह लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया।

                आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में पटना से श्री बद्री नारायण सिंहखगड़िया से श्री कुणाल कुमार सिंहबेगूसराय से श्री शिवनाथ कुमारपटना से श्री कुमार अरविन्द गुप्ताभागलपुर से श्री गोपाल जीपश्चिम चम्पारण से डा० शकील ए0 खान ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिये। प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया। लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।

                आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंहऊर्जा मंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादवग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमारउद्योग मंत्री श्री जयकुमार सिंहग्रामीण कार्य मंत्री श्री शैलेश कुमारनगर विकास एवं आवास मंत्री श्री महेश्वर हजारीपंचायती राज मंत्री श्री कपिलदेव कामतगन्ना उद्योग मंत्री श्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमदलोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मापर्यटन मंत्री श्रीमती अनीता देवीमुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंहपुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुरमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमारमुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश  चन्द्रामुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।

                आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पश्चात् मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा उतर प्रदेश  के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिहार दौरा तथा केन्द्र सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर मोदी फेस्ट के आयोजन के संबंध में पूछे गये प्रशन के उत्तर में कहा कि चुनाव के दौरान जो भी वादे किये गये थेउसकी कसौटी पर सरकार खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि जो वादा किया गया थाउसके अनुपात में कार्य नहीं किया गया। रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में सरकार ने जितना वादा किया थाउपलब्धि उसके अनुपात में कम रही। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पचास प्रतिशत का मुनाफा जोड़कर नया समर्थन मूल्य निर्धारित करने की बात कही गयी थीजिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। वादों के अनुरूप काम नहीं हुआ है। योगी आदित्यनाथ के बिहार आने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्टी का विषय है। भाजपा के नेतृत्व को बिहार के भाजपा नेतृत्व पर विश्वास नहीं है इसलिये बाहर से नेता बुलाये जा रहे हैं।

इंटर परीक्षा के परिणाम के संबंध में पूछे गये प्रशन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी के संबंध में खोज शिक्षा विभाग द्वारा की गयी थी। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व वैशाली के एक केन्द्र की तस्वीर समाचार पत्रों में आयी थी। तब से लेकर अब तक इस दिशा में काफी कार्रवाई की गयी है। तंत्र में इंतजाम किया गया है कि अगर कोई धांधली करेगा तो पकड़ा जायेगा। मामले पर हमने सभी अधिकारियों को बुलाया था। गड़बड़ी करने वालों पर एफ0आई0आर0 दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में पूरी सख्ती बरती गयी है। शिक्षा विभाग के लोगों ने पता लगाया है कि यह लड़का दूसरी बार परीक्षा दे रहा है। लड़के ने अपनी उम्र छिपायी हैपकड़ा गया हैकार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में चोरी नहीं हुयी। मूल्यांकन में गड़बड़ी नहीं होइसे देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिये एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उतर पुस्तिका के मूल्यांकन के समय शिक्षक हड़ताल पर गये थे। यह हम सबकी जिम्मेवारी है कि उन्हें यह बताया जाय कि यह सही समय हड़ताल पर जाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबकी भूमिका है। परीक्षा के उतर पुस्तिका के मूल्यांकन के लिये मुकरर्र किये गये शिक्षक उस विषय के जानकार थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह उच्च न्यायालय के आदेश पर 1996 में सख्ती की गयी थी। उस वर्ष मात्र 15 प्रतिशत रिजल्ट आया था। उन्होंने कहा कि सभी चीजों को देखा जा रहा है। सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलसभी के परफोर्मेंस को देखा जा रहा है। किस-किस स्कूल का परिणाम खराब हुआ हैउसका मूल्यांकन किया जा रहा है। वैसे स्कूलों को देखा जा रहा हैजहाँ कोई भी बच्चा पास नहीं किया ताकि सभी चीजों को देखते हुये नीति बनायी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छवि को बिहार के बाहर खराब करने में बिहार के लेागों की ही भूमिका है। तमिलनाडू की परीक्षा का उदाहरण देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का लड़का तमिल विषय में अधिक अंक के साथ पास हुआ हैइसकी जाँच सी0बी0आई0 द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज में हरेक तरह के लोग हैं। अगली बार भी परीक्षा इतनी ही सख्त होगी। उन्होंने कहा कि हम इसको चैलेंज के रूप में लेते हैं। आदर्श व्यवस्था कायम करना संभव नहीं होता है। हमारे यहाँ गड़बड़ी करने पर पर्दा नहीं डाला जाता परंतु तह में जाकर समाधान निकाला जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिये कई कदम उठाये गये हैं। अभी और सुधार की जरूरत है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिये सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे। शिक्षा विभाग की समस्याओं को पूरी तरह से समझकर उसका समाधान निकाला जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार होगायह एक लंबी यात्रा है। अभी बहुत दूर जाना हैअभी मीलों चलना है। पूरी चीजों का मंथन करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि एक तो व्यवस्था में सुधार होगादूसरी तरफ अगर कोई अपने कर्तव्य को नहीं निभाता है तो उन पर कार्रवाई होगी।

                पूर्णिया में एम्बुलेंस नहीं उपलब्ध करने के संबंध में पूछे गये प्रशन का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का कोई परिजन मरता है तो मृत शरीर की अंत्येष्टि के लिये वह जहाँ ले जाने को इच्छुक होवहां तक उसे ले जाने के लिये अस्पताल द्वारा व्यवस्था की जानी चाहिये। इसके लिये नीति और पर्याप्त संसाधन का प्रबंध करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में कार्रवाई करेगी।

                शराबबंदी के बाद अन्य मादक पदार्थ के खपत में बढ़ोतरी के संबंध में पूछे गये प्रशन के उतर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य मादक पदार्थों के सेवन में बढ़ोतरी कोई आश्चर्य की बात नहीं है। अप्रैल 2016 से हम लगातार सभी सभाओ में यह कहते रहे हैं कि शराबबंदी के बाद दूसरे मादक पदार्थ का सेवन तो नहीं करने लगा हैइस पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है। जिलों में डी0 एडिक्सन सेंटर की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि अभी दो महीने का सशक्त अभियान चलाया गया था। यह अभियान शराबबंदी से नशामुक्ति पर था। उन्होंने कहा कि निश्चय यात्रा के दौरान सभी चेतना सभा में मैंने यही बात कही है। 21 जनवरी को बनायी गयी मानव श्रृंखला में चार करोड़ लोगों ने भाग लिया। लोगों को इस संबंध में जागरूक करना है। गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। सभी स्थानों पर संयुक्त समन्वय के साथ कार्रवाई की जायेगी। राज्य सरकार एवं केन्द्रीय एजेंसियों के बीच में समन्वय स्थापित किया गया है। साथ ही जन चेतना को जागृत करने के लिये निरंतर काम चलता रहेगा। चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम का भी यह एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि लेागों का शिक्षण तथा जन चेतना जागृत करना जरूरी है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूँ कि आप लोगों को बतायें कि यह बुरी चीज है।

                कश्मीर मसले पर पूछे गये प्रशन के उतर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर की स्थिति बहुत संवेदनशील है। केन्द्र सरकार को सभी दलों को साथ लेकर कार्रवाई करने हेतु पहल करनी चाहिये। सभी दलों को कश्मीर समस्या में शामिल करना चाहिये। कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत का ही हिस्सा हैयही हम सभी भारतीयों की सोच है। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है।

                गो हत्या के संबंध में पूछे गये प्रशन का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गो हत्या वर्जित है। यह आज का कानून नहींबहुत पहले से बिहार में गो हत्या वर्जित है। यहाँ के लोगों की मानसिकता गाय की हत्या की नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सड़क पर लावारिस पशु घूमते रहते हैंजिस कारण से बहुत दुर्घटनायें घटती है। गो रक्षक लोगों को इन लावारिस पशुओं का पालन पोषण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक खाकर कितने जानवर मर रहे हैं। गो रक्षक जो अपने आपको पशु एवं गाय के प्रति संवेदनशील कहते हैंउनका यह पहला कर्तव्य है कि सड़क पर लावारिस रूप से घूम रहे जानवरों के लिये विशेष गोशाला बनाकर उनको उसमें रखें तथा उसकी सेवा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पटना में इस तरह का प्रयोग करने जा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि गो हत्या के नाम पर अगर यह मानसिकता है कि मूल समस्याओं से लेागों का ध्यान हटाया जाय तो हम उसके खिलाफ हैं। तमिलनाडू के कार्यक्रम में भाग लेने के संबंध में पूछे गये प्रशन का उतर देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडू में श्री करूणानिधि जी के 94वें जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी में भाग लेने के लिये मैं गया था। उन्होंने कहा कि श्री करूणानिधि जी 1957 से लगातार तमिलनाडू विधानसभा के सदस्य हैं। साथ ही पचास साल तक डी0एम0के0 के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि श्री करूणानिधि की पुत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया था। कार्यक्रम में अनेक दल के लोग आये थे। यहाँ तक राष्ट्रपति चुनाव का सवाल है तो सताधारी पार्टी को आम सहमति बनाने की पहल करनी चाहियेअगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो विपक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा।